Happy Birthday Kalam: ‘मिसाइल मेन’ कलाम का यह सपना जो रह गया था अधूरा.. जानिये क्या है वो

abdul kalam

नई दिल्ली: ‘मिसाइल मेन ऑफ इंडिया’ के नाम से मशहूर पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की आज  88वीं जयंती है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ था। उनके जन्मदिन के अवसर पर ई-एक्सप्रेस न्यूज़ की इस रिपोर्ट में हम आपको उनसे जुड़ी कुछ अनसुनी बातें बतायेंगे।

पायलट बनना चाहते थे कलाम 

दरअसल मिसाइल मैन कलाम बचपन से ही पायलट बनना चाहते थे इसलिए वो छोटे आयु से ही लड़ाकू विमान उड़ाने का सपना देखते थे, लेकिन उनका ये सपना एक रैंक से पीछे रह जाने के कारण अधूरा रह गया। कलाम ने अपनी पुस्तक ‘माई जर्नी: ट्रांसफॉर्मिंग ड्रीम्स इन टू एक्शंस’ में इस बात का ज्रिक किया है। उन्होंने लिखा कि वह पायलट बनने के सपने के बहुत करीब पहुंचकर चूक गए थे। भारतीय वायुसेना में उस समय केवल आठ सीटें खाली थीं और कलाम को नौंवा स्थान मिला था जिसकी वजह से उनका ये सपना अधूरा का अधूरा ही रह गया। कलाम ने इस किताब में लिखा था कि “मैं हवा में ऊंची से ऊंची उड़ान के दौरान मशीन को नियंत्रित करना चाहता था, यही मेरा सबसे प्रिय सपना था लेकिन वो पूरा नहीं हो पाया।”

युवाओं में काफी लोकप्रिय थे कलाम

एपीजे अब्दुल कलाम युवाओं में काफी लोकप्रिय थे। वो देश के तीसरे राष्ट्रपति हैं। कलाम एक वैज्ञानिक के रूप में चार दशकों तक रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) व इसरो को भी संभाला साथ ही देश में सैन्य मिसाइल के विकास के प्रयासों में भी शामिल रहे।

1997 भारत रत्न अवॉर्ड से सम्मानित हुए ‘मिसाइल मेन’ 

अब्दुल कलाम को साल 1997 भारत रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा उन्हें 1990 में पद्म विभूषण, 1981 में पद्म भूषण और 2000 में रामानुजन अवार्ड, मानद डॉक्टेरेट, डॉक्टर ऑफ साइंस आदि जैसे कई सम्मान मिल चुके थे।

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